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तौबा ये मतवाली चाल

इंगले, मुकेश

FormatEbook
Published2000
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy $1
About this book
प्रस्तुत लेख में साँपों के शरीर की बनावट पर चर्चा के द्वारा उनकी चाल-ढाल को समझाने का प्रयास किया है। साँपों के पैर नहीं होते, लेकिन इस कमी के बावजूद वे बिना किसी ख़ास परेशानी के चल लेते हैं और ज़रूरत पड़ने पर अपनी गति को और अधिक तेज़ भी कर सकते हैं। लेख के अनुसार, आमतौर पर साँप चलने के लिए चार तरीक़ों: सर्पण, कन्सर्टना, सरल रेखीय और पार्श्‍व कुण्डलन गति, का इस्तेमाल करते हैं। इनमें से वे कौन-सा तरीक़ा अपनाएँगे, या कोई दो तरीक़ों का मिश्रण अपनाएँगे यह उनके आस-पास के वातावरण की प्रकृति पर निर्भर करता है।

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