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कहानी और फ़िल्मों की जुगलबन्दी से मानवीय मूल्यों को सींचना

श्रीमाली, मंजू

FormatEbook
Published2022
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
यह लेख मानवीय मूल्य और लेखन पर केन्द्रित है। लेखिका मानवीय मूल्यों पर आयोजित एक सृजनात्मक प्रदर्शनी में ख़ुद के और बच्चों द्वारा की गई तैयारी के अनुभव रखती हैं। वे कहती हैं कि हर बच्चे ने उत्साह से प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए प्रयास किए। प्रदर्शनी के लिए किए गए प्रयासों में बच्चों ने चयनित विषय पर अपने विचारों को प्रस्तुत करना, आयोजन की तैयारी में अपनी और साथी बच्चों की भूमिका के बारे में सीखा। इस आयोजन से बच्चों में भी यह आत्मविश्वास आया कि वे भी इस तरह के आयोजनों में सार्थक योगदान दे सकते हैं।

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