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अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी लर्निंग कर्व : शाला में समर्थकारी वातावरण का निर्माण, मार्च 2015
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About this book
स्कूल समाज का ही एक छोटा रूप है। स्कूल के कई बहुत महत्त्वपूर्ण कार्यों में से एक कार्य बच्चों को इस लायक बनाना है कि वे बेहतरीन नागरिक बनने में समर्थ हो पाएँ। शब्दकोष ‘समर्थ बनाने’ को ‘शक्ति,साधन या सामर्थ्य देना; योग्य बनाना, अधिकार देना, सम्भव या आसान बनाना’ के रूप में परिभाषित करता है। लर्निंग का यह अंक इस प्रक्रिया के हिस्सा रहे, देश भर में कार्यरत शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा अनुभवों को याद करते हुए लिखे गए लेखों पर केन्द्रित है।
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