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ऊँची कुर्सी, इतनी ऊँची

राघवन, नीरजा

FormatEbook
Published2012
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
लेखिका ने अपनी कविता में कुर्सी को प्रशासनिक पद का प्रतीक मानते हुए कविता का ताना-बाना बुना है। उनकी यह कविता प्रशासनिक पद के कार्यभार, नज़रिए, कार्यसंस्कृति, मानवीय संलग्नता की बनावट व बुनावट को अलग-अलग मनोभावों के रूप में प्रकट करती है।

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