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पुस्तकालय तेरे रूप अनेक

गोस्वामी, ऋचा

FormatEbook
Published2009
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
लेखिका इस लेख के माध्यम से अपने स्कूली जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए बताती हैं कि कैसे लाइब्रेरी ने उनके मन में किताबों और पढ़ने के प्रति ललक जगाई। वे क्लास लाइब्रेरी की प्रभाविता पर रोशनी डालती हैं। साथ ही वे पुस्तकालय के विभिन्न रूपों के उदाहरण पेश करते हुए कहती हैं कि इस तरह के पुस्तकालयों व उनमें बच्चों के पुस्तकों के साथ होने वाले संवादों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि ये पुस्तकालय बच्चों की पढ़ने-लिखने की क्षमता को विकसित करने पर कार्य कर सकते हैं।

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