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गणित में आनन्द की संस्कृति

जगदीशन, शशिधर

FormatEbook
Published2010
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
लेख गणित की प्रकृति, गणित को देखने के विविध दृष्टिकोणों एवं गणितीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा पर उनके प्रभावों के बारे में बताता है। यह गणित को अकाउण्टस्, सवाल हल करने वाली दिमाग़ी कसरत, सत्य और सुन्दरता, ब्रह्माण्ड की भाषा और आधुनिक समाज के एक उपयोगी औज़ार के रूप में सन्दर्भित करता है। साथ ही यह पाठ्यक्रम स्तर पर गणित शिक्षा के लक्ष्यों के बारे स्पष्ट होने की ज़रूरत को इंगित करता है।

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