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ग्रामीण परिप्रेक्ष्य में अध्यापक की निर्मिति

आर्य, शचीन्द्र

FormatEbook
Published2019
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
यह लेख एक निजी विद्यालय के दीर्घकालीन अवलोकन और वहाँ कार्यरत शिक्षकों के साथ अन्त:क्रिया से बनी समझ पर आधारित है। लेखक का विश्लेषण दर्शाता है कि ग्रामीण विद्यालय किसी भी तरह से परिवर्तनकारी भूमिका में नहीं हैं। शिक्षक व शिक्षार्थी की निर्मिति की प्रक्रिया में जो भी बिन्दु संघर्ष या विचलन के हो सकते हैं उन्हें भोथरा किया जा चुका है।यह लेख विद्यालय, उसका ढाँचा, शिक्षक और शिक्षार्थियों के सबन्धों को टटोटलते हुये मौजूदा स्थितियों में एक ‘वांछित शिक्षक की रचना’ पर प्रश्न करता है?

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