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ऑनलाइन शिक्षण और उसके निहितार्थ

आर्य, शचीन्द्र

FormatEbook
Published2020
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
ऑनलाइन शिक्षण, कोरोना महामारी के अप्रत्याशित दौर में स्कूली शिक्षा को जारी रखने का एक माध्यम बना। इस लेख में इन नई ऑनलाइन कक्षाओं, इनको संचालित करने के लिए अपनाई गयी शिक्षण प्रक्रियाओं, इनके लिए जरूरी संसाधनों के बारे में चर्चा है। लेखक इन ऑनलाइन कक्षाओं के विभिन्न उदाहरणों को रखते हुए सवाल उठाते हैं कि क्या यह तकनीक वास्तविक कक्षा का विकल्प हो सकती है? किस हद तक? क्या यह समता, समानता और विविधता को समाहित कर सकती है? लेखक ऑनलाइन शिक्षण से जुड़े ऐसे प्रश्नों को सोचने, उनके संभावित उत्तरों तक पहुँचने की गुजारिश करते हैं ताकि इस नई बन रही संरचना से जूझने के लिए हम अपनेआप को कुशल व साधनसम्पन्न बना पाएँ।

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