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Cover of आकलन और सशक्तिकरण

आकलन और सशक्तिकरण

विजयसिम्हा, इन्दिरा

FormatEbook
Published2014
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
प्रस्तुत लेख में लेखिका ने पौराणिक कथा को उपमा के रूप में लेते हुए आकलन और मूल्यांकन के बीच का अन्तर स्पष्ट करने की कोशिश की है। लेखिका द्वारा इस बात को भी खोलने का प्रयास किया गया है, कि मूल्य या ग्रेड-आधारित आकलन प्रणाली बच्चों के सीखने के सम्बन्ध में कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं करवाती है वरन् या तो उन्हें हतोत्साहित करती है या उनके सीखने की क्षमताओं को सीमित कर देती है। लेख में प्रदर्शन आधारित आकलन की सीमाओं का वर्णन करते हुए कक्षाओं में योग्यता आधारित आकलन के तरीक़ों को अपनाने पर भी ज़ोर दिया गया है।

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