HomeEducation › बाह्य अन्तरिक्ष में ब्रह्माण्ड स्वयं को कैसे प्रगट करता है?

Cover of बाह्य अन्तरिक्ष में ब्रह्माण्ड स्वयं को कैसे प्रगट करता है?

बाह्य अन्तरिक्ष में ब्रह्माण्ड स्वयं को कैसे प्रगट करता है?

नारायणन, आनन्‍द

FormatEbook
Published2016
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
अन्तरिक्ष की अन्तर्क्रियाएँ, अजनबी संसारों की खोज तथा आकाशगंगाओं के निर्माण और विकास से लेकर ब्रह्माण्ड के स्याह पहलू की हक़ीक़त तक, ब्रह्माण्ड के अनेक रहस्यों को खोलने की स्वर्णिम चाबी जैसी रही हैं। यह लेख अलग-अलग उदाहरणों के माध्यम से इस बात को रेखांकित करता है कि किस तरह बाह्य अन्तरिक्ष के पिण्डों की अन्तर्क्रियाओं ने अपने आसपास की दुनिया को समझने की हमारी प्रबल आकांक्षा को निरन्तर पूरा किया है।

More by नारायणन, आनन्‍द

Browse all →

More in Education

Browse all →