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इसी रटन्त विद्या का नाम शिक्षा रख छोड़ा है - प्रेमचन्‍द

नाग, निशा

FormatEbook
Published2019
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
1934 में प्रकाशित प्रेमचन्‍द की कहानी ‘बड़े भाई साहब’ भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर तीखी साहित्यिक व्याख्या प्रस्तुत करती है। यह कहानी छोटे और बड़े भाई के पढ़ने-लिखने के तरीक़ों की जद्दोजहद के बीच शिक्षा और शिक्षा प्रक्रिया पर कई गहरे सवाल उठाती है। विभिन्न सन्‍दर्भ यह दर्शाते हैं कि शिक्षा में आज भी कोई खास बदलाव नहीं आया है। लेख यह आशंका भी व्यक्त करता है कि क्या नई शिक्षा नीति शिक्षा के स्वरूप को परिवर्तित करने की दिशा में कुछ कर पाएगी।

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