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फूलों का शृंगार है करोना

पंवार, किशोर

FormatEbook
Published2001
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
एक सामान्य फूल में अंखुड़ियाँ, पंखुड़ियाँ, पुंकेसर और स्त्री-केसर होते हैं। किसी पुष्प के एकलिंगी होने पर भी हम उसे फूल कहने में नहीं हिचकिचाते। परन्तु पंखुड़ियाँ न हों तो मामला ज़रा मुश्किल हो जाता है। यानी कुल मिलाकर पंखुड़ियाँ ही फूल की पहचान हैं। कुछ फूलों में कीटों को आकर्षित करने और उनके जनन अंगों की सुरक्षा की दृष्टि से पंखुड़ियों और पुकेसर के बीच में अतिरिक्त संरचनाएँ पाई जाती हैं। वैज्ञानिकों ने इस रचना को करोना (Corona) - यानी ताज़, नाम दिया है। प्रस्तुत लेख में फूलों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के करोना पर चर्चा की गई है।

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