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गूलर के फूल क्यों नहीं दिखते

पंवार, किशोर

FormatEbook
Published1995
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
गूलर के फूल, फल और पुष्पक्रम तीनों ही विशिष्ट हैं जो इसे रहस्यमयी बनाते हैं, इसीलिए जन सामान्य में ये भ्रम फैले हैं कि इसके फूल नहीं होते; किन्तु वनस्पति विज्ञान की दृष्टि से गूलर के फूल होते हैं - एक दो नहीं हज़ारों, अलग-अलग नहीं ढेर सारे एक साथ, पूर्ण नहीं अपूर्ण (क्योंकि इनमें अंखुड़ी और पंखुड़ी नहीं होती) और नर व मादा फूल अलग-अलग। इसकी एक और विशेषता है इसके पुष्पक्रमों के लगने का तरीक़ा। गूलर के फल टहनियों पर गांठ की तरह लगते हैं यानी ये पुष्पक्रम मोटे-मोटे तनों पर सीधे गुच्छों की शक्ल में लगते हैं। इसकी इस विशेषता को वनस्पतिशास्त्री कॉलीफ्लोरी कहते हैं।

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