HomeEducation › वनस्पतियों का लोहा-कांक्रीट

Cover of वनस्पतियों का लोहा-कांक्रीट

वनस्पतियों का लोहा-कांक्रीट

पंवार, किशोर

FormatEbook
Published2006
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
प्रकृति की नायाब रचनाओं में भी स्थापत्य के विभिन्न सिद्धान्त नज़र आते हैं। पौधों और वृक्षों के आकार, लम्बाई और भार, उम्र और मौसम के साथ-साथ बदलते रहते हैं। फिर भी, ये साल-दर-साल वहीं रहते हैं - सारे बलों का सामना करते हुए। ऐसी ही एक संरचना स्केलेरनकायमा का मुख्य कार्य पौधों, वृक्षों, लताओं व पानी में पाए जाने वाले पौधों को यांत्रिक सहायता और शक्ति प्रदान करना है। वे संवहनी बण्डलों का भी एक हिस्सा हैं और प्रवाहकीय ऊतक बनाते हैं। ज़ाइलम ऊतक तन्तु भी सहायता प्रदान करते हैं। अपस्थानिक जड़ें इत्यादि पौधों को अतिरिक्त स्थायित्व प्रदान करती हैं।

More by पंवार, किशोर

Browse all →

More in Education

Browse all →