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Cover of आसान नहीं है घुलने - मिलने को समझना

आसान नहीं है घुलने - मिलने को समझना

जोशी, सुशील

FormatEbook
Published2010
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
कुछ चीज़ें पानी में घुल जाती हैं, कुछ नहीं घुलतीं। कुछ चीज़ें पानी में ज़्यादा घुलती हैं, कुछ कम घुलती हैं। ऐसा क्यों होता है? और जैसे इतना ही काफ़ी नहीं था, कुछ चीज़ें घुलने पर घोल का आयतन कम हो जाता है, कुछ चीज़ों में पहले कम होता है मगर थोड़ा और पदार्थ घोलने पर बढ़ने लगता है। इस लेख में इन्‍हीं प्रश्‍नों पर चर्चा की गई है।

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