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नियोजित हस्तक्षेप और आज़ादी : बच्चों की ज़रूरत क्या है - एक व्यक्तिगत विवेचना
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लेख में लेखकद्वय बतौर माता-पिता अपने बच्चों के पालन-पोषण और उसमें अपनाई गई असामान्य शैली के बारे में खुलकर बात करते हैं। वे बताते हैं कि किस तरह बच्चों के साथ गहरे विचार-विमर्श ने उन्हें सकारात्मक तरीक़े से प्रभावित किया और उनमें बदलती जीवन स्थितियों के साथ सामंजस्य बैठाने की क्षमता का निर्माण किया। साथ ही वे सुझाते हैं कि ठोस परिणामों के लिए बच्चों के साथ नियोजित हस्तक्षेप और आज़ादी के बीच सन्तुलन बिठाकर ही उन्हें आगे के लिए तैयार किया जा सकता है।
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