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बल, चल, हल...

अग्‍निहोत्री, रमा कान्त

FormatEbook
Published2014
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
भाषा सीख रहे बच्चों के वाक्य सुनकर अक्सर हम हैरानी में पड़ जाते हैं। हो सकता है वे एकवचन-बहुवचन, स्वर-व्यंजन, और संज्ञा-सर्वनाम का नाम भी न जानते हों पर अपनी बातों में इनके इस्तेमाल इतनी ख़ूबसूरत तरीके़ से करते हैं कि हैरानी स्वाभाविक है। बच्चों की इस अन्तर्जात प्रतिभा का बारीकी से विश्लेषण करता यह लेख।

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