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अभिनव हैं अभिनव : दसवीं सदी के सौन्दर्यशास्त्री का संसार
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About this book
अभिनवगुप्त एक मेधावी चिन्तक, दार्शनिक; कवि और सौन्दर्यशास्त्री थे। ऐसी प्रतिभा के निर्माण में अनेक समीकरणों, परम्पराओं और साधन-पद्धतियों का समायोजन होता है। इनके साथ ही यह लेख उनके समय पर शिखर पर मौजूद प्रत्यविज्ञादर्शन के चिन्तन और तंत्र की साधना, इसी पृष्ठभूमि से आने वाले उनके गुरुओं, उस समय कश्मीर में मौजूद चिन्तन, दर्शन, कला और संस्कृति – इन सभी को अभिनव गुप्त के महान चिन्तक बनने में योगदान को चिह्नित करता है। लेख अभिनवगुप्त साझा संस्कृति में योगदान और उसके प्रतीक बन जाने को भी ख़ासतौर पर बताता है।
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