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आतंकवाद : नर्म राष्ट्र की गर्म हवा
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About this book
हिंसा के विविध रूपों से आतंकवाद को अलगाने की कोशिश करते हुए यह लेख उसकी सर्वव्यापी उपस्थिति को दर्ज करता है। नस्लवाद और धार्मिक विद्वेष के अलावा दीर्घकालिक गैर-बराबरी और शोषण भी हिंसक आन्दोलनों की वजह बनते हैं। भारतीय बहुलतावाद को सुरक्षित रखने की ज़रूरत को रेखांकित करते हुए यह लेख आज़ादी के बाद के राजनैतिक नेतृत्व को इस संकट के लिए जिम्मेदार पाता है।