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त्यागे गए लोगों पर लेखन: अरण्य में नई आवाज़ें

भार्गव, नरेश

FormatEbook
Published2005
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
लेख दलितों और सवर्णों के बीच की खाई की बात करता है जहाँ दोनों समुदाय एक-दूसरे के विरोध में खड़े हैं। लेखक को लगता है कि ये विरोध इतने तीव्र हैं कि दलितों की आवाज़ों को सुना जाना आसान नहीं है। इस बीच सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ़ दलित जागृति का नतीजा है या फ़िर एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया।

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