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वैज्ञानिक चिन्तन का दर्शन : क्षमताएँ और सीमाएँ

सक्सेना, साधना

FormatEbook
Published2002
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
यह लेख शिक्षा पद्धति के सन्दर्भ में चल रही ढेरों बहसों के बीच होशंगाबाद विज्ञान शिक्षण के प्रयोग पर प्रकाश डालता है। कक्षा में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पढ़ाने के तरीक़े और शिक्षकों की समझ विकसित करना तथा ऐसी पुस्तकों का निर्माण करना, जो सीखने की रटन्त पद्धति से आगे की समझ विकसित करती हों, इस प्रयोग के मूल उद्देश्य थे। साथ ही लेख में स्कूलों के भीतर विकसित होने वाली मानसिकता तथा बाहरी समाज से इसके टकराव को समझने में भी मदद करता है। यह लेख विज्ञान के द्वारा तर्कशीलता और सीखने के अनुभवों को रोचक बनाने के साथ-साथ इस प्रक्रिया की सीमाओं को भी खोजता नज़र आता है।

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