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चांद के क्रेटर

केलकर, माधव

FormatEbook
Published1998
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
जब दूरबीन की खोज नहीं हुए थी तब लोग खुली आंखों से चाँद को देखकर वहाँ बुढ़िया जैसी आकृति दिखने की बात करते थे। इस प्रकार की कई कहानियाँ प्रचलित थीं। दूरबीन की खोज के बाद, चाँद पर गड्ढों जैसे आकार दिखे थे। यह गड्ढे, पृथ्वी पर पाए जाने वाले वोल्केनिक क्रेटर से काफ़ी मेल खाते थे। खगोलशास्त्री शुरू में इन्हें समुद्र मान बैठे थे। शोध करने के बाद, अब हम अब इन क्रेटरस के बारे में काफ़ी कुछ जान गए हैं। इस लेख में आप पढ़ेगें कि एक क्रैटर का निर्माण कैसे होता है। एक रुचिकर सवाल यह भी है कि सौरमण्डल में घूम रहे नन्हे क्रेटरस कैसे उत्पन्न हुए होंगे।

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