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कन्धमाल की हिंसा बनाम धर्मनिरपेक्षता

दुबे, अभय कुमार

FormatEbook
Published2008
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
इस लेख में उड़ीसा के कन्धमाल में हुई हिंसा को समझने की मुश्किलों पर चर्चा की गई है। लेखक बताते हैं कि सेक्‍युलर दृष्टि में साम्प्रदायिकता की एक प्रचलित छवि है जिसे समान रूप से लागू कर लिया जाता है। कन्धमाल की घटना को उस प्रचलित छवि से नहीं समझा जा सकता और उसे गुजरात के गोधरा काण्ड से जोड़कर देखना उचित नहीं है। लेखक यह भी कहते हैं कि धर्म परिवर्तन के मामले में व्यक्तिगत तौर पर धर्म परिवर्तन करने का अधिकार और सामूहिक तौर पर धर्म परिवर्तन कराने की मुहिम ये दोनों बिलकुल अलग चीज़ें हैं।

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