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इन्सान के सृजन में भाषा

धनकर, रोहित

FormatEbook
Published2009
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
लेख विद्या भवन सोसायटी द्वारा आयोजित ‘समझ का माध्यम’ सेमीनार में लेखक द्वारा दिए गए वक्तव्य को प्रस्तुत करता है। जिसके माध्यम से लेखक इन्सान, भाषा और सामुदायिक जीवन के आपसी सम्बन्ध, भाषा और इन्सानी ज्ञान, भाषायी सन्दर्भ में विद्यालय की भाषा नीति और प्राथमिक विद्यालय में भाषा के स्वरूप की बात करते हैं। वे रेखांकित करते हैं कि इन्सान भाषा के माध्यम से ही ज्ञान की अवधारणाओं का तर्क के आधार पर उपयोग कर पाता है, उनका निष्कर्ष निकाल पाता है और उनमें से चुनाव कर पाता है और इस प्रकार शिक्षा द्वारा मानव और समाज के सृजन की प्रक्रिया होती है।

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