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Cover of एक सार्वभौमिक विश्व में बचपन

एक सार्वभौमिक विश्व में बचपन

कुमार, कृष्ण

FormatEbook
Published2006
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
यह आलेख वैश्वीकरण और बचपन के बीच के सम्बन्धों की पड़ताल करता है। यह बचपन की आधुनिक अवधारणा के विकास और इसे आकार देने वाले कारकों पर प्रकाश डालता है। यह बच्चों पर पर्यटन उद्योग के प्रभाव, वैश्वीकरण के फलस्वरूप शिक्षण की प्रकृति तथा वयस्क और बच्चे के बीच के सम्बन्ध में आए बदलाव और इंटरनेट के अप्रतिबन्धित प्रसार से बच्‍चों पर पड़ने वाले नकारात्‍मक प्रभावों की बात भी करता है। आगे यह एक विचारधारा के रूप में रूढ़िवाद के प्रभाव और काम करने के तरीकों व रोजगार के अवसरों में आए बदलावों की चर्चा करता है।

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