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Cover of आख़िर शिक्षा के मायने क्या हैं?

आख़िर शिक्षा के मायने क्या हैं?

धनकर, रोहित

FormatEbook
Published2014
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
शिक्षा दर्शन शृंखला के इस दूसरे लेख में शिक्षा के अर्थ और अवधारणा पर चर्चा की गई है। लेख बताता है कि ये अवधारणाएँ शिक्षा कर्म को किस तरह प्रभावित करती हैं। साथ ही यह लेख शिक्षा को एक प्रक्रिया मानता है जो स्वाभाविक रूप से विकसित होने वाली क्षमताओं से अलग अनुभवों से हासिल सामर्थ्य है। समाज में भागीदारी के लिए शिक्षा को ज़रूरी मानते हुए यह लेख सीखने वाले की सक्रिय भागीदारी और नैतिक मूल्यों के महत्त्व को रेखांकित करता है।

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