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परिवार के विस्तार के रूप में स्कूल
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लेख कोविड महामारी के कारण शुरू हुई लगभग दो साल की स्कूल तालाबन्दी और उसके बाद की स्थितियों में स्वास्थ्य, रोज़गार और सामाजिक सुरक्षा सम्बन्धी चिन्ताओं से त्रस्त हाशियाकृत वर्गों एवं उनके बच्चों को सन्दर्भित करता है। इसमें लेखक अनिश्चितताओं और अभावों को झेल रहे बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करते हुए उन्हें भरोसा देकर, सहयोग करने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ख़ुद की देखभाल करने में मदद करने के कुछ अनुभव साझा करते हैं। वे स्कूलों से भी बच्चों की प्रेम, सुरक्षा और अपनेपन की भावना को बढ़ावा देने का आग्रह करते हैं।
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